Side Effects of Wearing High Heels Sandals in Hindi | पैरों पर कितना असर डालती है हाई हील्स सैंडल - आजकल महिलाओं तथा लड़कियों में हाई हील्स सैंडल पहनना फैशन हो गया है। लेकिन उन्हें बिल्कुल भी पता नहीं होता है कि ऊंची एड़ी के सैंडल तथा जूते पहनने से नुकसान भी हो सकता है। इस प्रकार के हाई हील्स सैंडल पहनने से महिलाओं की चाल भी बदल जाती है। कुछ घंटों तक हाई हील सैंडल पहनने से उनकी मांसपेशियों में थकान होने लगती है। हाई हील सैंडल तथा जूते पहनने से पहले महिलाओं को ध्यान देना होगा कि उनका शरीर का वजन पैरों पर ही पड़ता है। 

Side Effects of Wearing High Heels Sandals in Hindi - 


ऐसे में महिलाओं को पैरों की देखभाल करने के लिए कुछ बातों पर ध्यान देना अनिवार्य है - 

जब महिलाएं अपने पैरों में ऊंची एड़ी के जूते या सैंडल पहनती है तो उनकी चाल में स्वतः ही परिवर्तन हो जाता है। शरीर से भारी महिलाओं के लिए इस प्रकार के सेंडल तथा जूते पहनना बहुत नुकसानदायक होता है। हाई हील्स सैंडल पहनकर उबड़ खाबड़ जगह पर चलते समय उनके पैर में मोच आ सकती है। लगातार कुछ घंटे तक ऊंची एड़ी की सैंडल तथा जूते पहनना पैरों में सूजन आने का कारण बन जाते हैं। 

अगर महिलाएं ऊंची एड़ी के सैंडल दिनभर पहन लेती है तो उनके पैरों में बहुत दर्द होने लगता है तथा कभी-कभी पैरों में सूजन भी आ जाता है। इस प्रकार के सेंडल दिन भर पहनने की वजह से पैरों के तलवों में बहुत ही दर्दनाक दर्द को महसूस किया जा सकता है।

सुरक्षित जगह जैसे एयरपोर्ट, म्यूजियम या समतल जगह पर चलने के दौरान ऊंची एड़ी के सैंडल तथा जूते पहने। लंबे समय तक इनको पहनने से मांसपेशियों में सूजन तथा तनाव पैदा होने लग जाता है। इसलिए महिलाएं फैशन के तौर पर इनका कुछ घंटों के लिए इस्तेमाल कर सकती है लेकिन गड्ढे वाली जगह तथा सड़कों पर ऊंची एड़ी के सैंडल पहनने से बचें। 

कई महिलाएं और लड़कियां ऐसी होती है जो नुकीली हाई हील्स वाली सैंडल पहनती है जिसकी वजह से पिंडलियों में बहुत दर्द होने लगता है। इस प्रकार की नुकीली एड़ी वाली सैंडल पहनने से गिरने का डर भी बहुत अधिक रहता है। अगर किसी कारण से शरीर का संतुलन खराब हो जाता है तो महिलाएं गिर जाती है जिसकी वजह से उन्हें चोट पहुंच सकती है। 

लंबे समय तक ऊंची एड़ी के सैंडल पहनने से पीठ में घुमाव होने लगता है और धीरे-धीरे शरीर के कई हिस्सों में दर्द भी होने लग जाता है। क्योंकि ऊंची एड़ी के जूते तथा सैंडल महिलाओं के शरीर के निचले हिस्से को बहुत अधिक बाहर निकाल देते हैं। जिसकी वजह से उन्हें बाद में नुकसान उठाना पड़ सकता हैं। 

क्या आप जानते हैं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की आवश्यकता क्यों होती है क्योंकि जब महिलाएं हाई हील सैंडल पहनती है तो उनके शरीर का पूरा वजन पीछे की ओर होता है। जिसकी वजह से शरीर के जोड़ों को बहुत नुकसान पहुंचता है। इसी उनमें में दर्द होने लगता है जिसके बाद इस प्रकार की सर्जरी की आवश्यकता पड़ जाती है।  

ऊंची एड़ी के सैंडल तथा जूते पहनने के तरीके - 

जो महिलाएं हाई हील सैंडल पहनने की शौकीन होती है उन्हें कम ऊंचाई वाली सैंडल पहननी चाहिए जो नीचे से चौड़ी हो। ऐसी सैंडल पहननी चाहिए जिनकी ऊंचाई अधिक ना हो ताकि शरीर का पूरा संतुलन सही बना रहे। 

जो महिलाएं तथा लड़कियां मॉडलिंग तथा फैशन का कार्य करती है वह हमेशा अलग-अलग तरह के हाई हील सैंडल तथा जूते पहने क्योंकि ऐसा करने से उनके पैरों की बनावट पर भी असर नहीं पड़ेगा। 

मॉडलिंग तथा फैशन करने वाली लड़कियां उस समय ही हाई हील्स सैंडल पहने जिस समय उनको पर्दे पर आना है। अन्यथा बाकी समय सामान्य तरह के जूते तथा चप्पल ही पहने। सामान्य तरह के जूते तथा चप्पल शरीर का संतुलन भी ठीक बना रहता है तथा रक्त भी सही तरीके से प्रवाहित होता रहता है। 

अगर कोई महिला या लड़की पहली बार हाई हील सैंडल तथा जूते पहनती है तो उन्हें हर कदम नीचे देख कर उठाना चाहिए। पहली बार इस प्रकार के सेंडल तथा जूते पहनने वाली लड़कियों के गिरने की संभावना अधिक रहती है क्योंकि उनको इन सैंडलों के बारे में थोड़ी बहुत भी जानकारी नहीं होती है। 

महत्वपूर्ण - मैं यह बिल्कुल भी नहीं कहता हूं कि महिलाओं तथा लड़कियों को हाई हील सैंडल तथा जूते पहनना बिल्कुल बंद कर देना चाहिए। परंतु उनको पहनने के तरीके तथा किस प्रकार के सैंडल पहनने चाहिए उसके बारे में पूरा ध्यान देना चाहिए। इस पोस्ट के माध्यम से मेरा सिर्फ यही उद्देश्य है कि महिलाएं अपने पैरों की देखभाल रखने के लिए तथा मांसपेशियों में सूजन ना हो इसलिए कुछ ही समय के लिए हाई हील्स सैंडल पहनना चाहिए। 

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