लगातार मोबाइल और लैपटॉप उपयोग करने से हो रही ये समस्या, जाने समाधान - वर्तमान समय में सबसे अधिक उपयोग मोबाइल और लैपटॉप का किया जा रहा है। आजकल के लोग किसी भी चीज के बारे में जानने के लिए अपने मोबाइल का उपयोग करते हैं। हर तरह के सवाल का जवाब जानने के लिए मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग किया जाता है। क्या आप जानते हैं मोबाइल और लैपटॉप पर अधिक समय बिताना हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। 

लगातार मोबाइल और लैपटॉप उपयोग करने से हो रही आंखों में ये समस्या, जाने समाधान -

वैसे देखे तो मोबाइल और लैपटॉप पर कम समय बिताना हमारे लिए बहुत सही रहता है लेकिन ऑनलाइन गेमिंग, ऑनलाइन पढ़ाई आदि की वजह से लोग कई घंटे तक लगातार मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग करते रहते हैं। कई घंटों तक इनका उपयोग करने से हमारी आंखों पर बुरा असर पड़ने लगता है, जिसके कारण हमारा स्वास्थ्य खराब होने लगता है। मोबाइल, लैपटॉप तथा टीवी जैसे उपकरणों का उपयोग दिन के समय ही करना चाहिए। रात के अंधेरे में इनका उपयोग लगातार करने से आंखों की रोशनी जाने का डर रहता है। 

अच्छी खासी नेटवर्क स्पीड होने के कारण सभी लोग पूरी तरह से मोबाइल और लैपटॉप पर निर्भर हो चुके हैं। कई लोग ऐसे हैं जो घंटों तक मोबाइल में नजर डाली मूवी देखते रहते हैं। लेकिन इस तरह से इनका उपयोग करने से हमारी तबीयत भी बिगड़ सकती है। हर जगह चाहे ऑनलाइन पढ़ाई हो चाहे किसी भी कंपनी की मीटिंग लैपटॉप और मोबाइल का ही उपयोग अधिक किया जा रहा है। आपको याद होगा कोरोना काल में भारत देश में बड़े-बड़े मंत्रियों ने भी लैपटॉप की जरिए ऑनलाइन मीटिंग की थी। वर्तमान समय में तो मोबाइल और लैपटॉप इंसान के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं, इनके बिना इंसान अपने आप को अधूरा महसूस करने लग जाता है। 

इसी कारण अब हर व्यक्ति को इन उपकरणों से दूर रहना बहुत मुश्किल हो गया है। मैंने कई ऐसे लोग देखे हैं जो रात के अंधेरे में मोबाइल और लैपटॉप पर कुछ ना कुछ देखते रहते हैं। अगर इस तरह से आप रात के अंधेरे में मोबाइल जैसे साधनों का उपयोग करेंगे तो आपकी आंखों को परेशानी जरूर आएगी। क्योंकि आप के उपयोग करने के साथ-साथ आपके परिवार के सभी सदस्य और छोटे बच्चे भी उनकी ओर देखते रहते हैं जिसकी वजह से उनको आंखों से संबंधित परेशानी हो सकती है। 

अगर आप लगातार कई वर्षों से मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग करते आ रहे हैं तो आपकी आंखों की रोशनी कम हो सकती है और आपको दिखाई भी कम देने लग सकता है। जिसकी वजह से आपको आंखों पर चश्मा पहनना पड़ सकता है। लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का उपयोग करने से हमारी आंखों पर तनाव पड़ने लग जाता है। मूवी देखते समय हम सोचते हैं कि इससे आंखों पर कम असर होगा लेकिन यह बिल्कुल झूठ है क्योंकि फिल्मों को हम अपनी आंखों को केंद्रित करके देखते हैं, जिसका असर सीधा आंखों पर पड़ता है।

आपने खुद महसूस किया होगा जब आप दो-तीन घंटे अंधेरे में मूवी देख कर अचानक से बाहर निकलते हैं तो आपको दरवाजा बिल्कुल कम दिखाई देता है। ऐसा लगता है जैसे फिल्मी सीन सामने दीवार पर चल रहा हो। फिल्मों में कभी कम कभी ज्यादा लाइट वाले सीन बदलते रहते हैं जिसकी वजह से हमारी आंखों पर दबाव पड़ने लगता है। इसलिए अंधेरे के समय मोबाइल और लैपटॉप जैसे उपकरणों का इस्तेमाल बहुत ही कम करना चाहिए। अंधेरे में इन उपकरणों का उपयोग करने से आंखों पर बुरा असर पड़ने के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ता है।

आजकल ऑनलाइन शिक्षा भी बहुत आगे बढ़ चुकी है। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल या लैपटॉप का होना बहुत जरूरी हो गया है। कई ऐसे छात्र है जो वर्तमान समय में ऑनलाइन पढ़ाई से अपनी कंपटीशन की तैयारी कर रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले छात्र का कम से कम 3 घंटे का पढ़ाई का समय होता है। अगर वह छात्र लगातार 3 घंटे तक मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग करता है तो उसकी आंखों पर भी बुरा असर पड़ने लग जाता है। इसलिए ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले छात्र हमेशा चश्मा पहन कर ही पढ़ाई करें, ताकि आंखों पर पड़ने वाले बुरे असर से बचा जा सके। 

मोबाइल, लैपटॉप का लगातार उपयोग करने से होने वाले नुकसान से कैसे बचे - 

वर्तमान समय में हर कार्य डिजिटल हो चुका है। दुनिया भर के अधिकतर काम इन उपकरणों के द्वारा ही किए जा रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई से लेकर बड़े से बड़ा काम मोबाइल लैपटॉप और कंप्यूटर के द्वारा ही किया जा रहा है। दुनिया भर के लोगों में हर कोई के पास मोबाइल और लैपटॉप जरूर होगा। रात के समय लोग मोबाइल और लैपटॉप का ही सबसे अधिक इस्तेमाल करते हैं। इन उपकरणों का अधिक इस्तेमाल करने से सिर में दर्द, आंखों में जलन और तनाव पैदा होने लगता है। जिसकी वजह से व्यक्ति का स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है। 

मैं यह नहीं कहता कि मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करना छोड़ देना चाहिए लेकिन इनके इस्तेमाल करने के तरीकों पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है। अगर आपके लिए रात के अंधेरे में मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करना जरूरी है तो आपको टेबल के पास लैंप का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे आपकी आंखों पर इनकी रोशनी का कम असर पड़ेगा। मैं अच्छी तरह से जानता हूं कि डिजिटल दुनिया में मोबाइल, कंप्यूटर्स और लैपटॉप के बिना व्यक्ति पूरी तरह से अधूरा है परंतु इनका इस्तेमाल करने के तरीकों के बारे में भी जानना बहुत जरूरी है। 

वर्तमान समय में मोबाइल का ही सबसे अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकतर लोग सोने के समय मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग करते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले ऐसे छात्र है जो रात के समय अंधेरे में घरवालों से छुपकर मोबाइल का ऑनलाइन गेमिंग या सोशल मीडिया पर उपयोग करते हैं। अंधेरे में मोबाइल का उपयोग करने से आंखों की रोशनी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है, जिसकी वजह से आगे चलकर आपको चश्मा पहनना पड़ सकता है। अगर लगातार मोबाइल का उपयोग करते रहे तो स्वास्थ्य से संबंधित अन्य बीमारियां भी हो सकती है। 

अंधेरे में मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग करने पर डार्क मॉड का इस्तेमाल करना चाहिए। आजकल नए स्मार्टफोन में आंखों का कवच नाम का ऑप्शन अलग से दिया जाने लगा है। इसका उपयोग करने से आपकी आंखों पर मोबाइल की रोशनी का बहुत कम प्रभाव पड़ेगा। कई लोगों को ऐसे हैं जिनका अंधेरे में इन उपकरणों का उपयोग करना एक मजबूरी है लेकिन उन्हें भी हर आधे घंटे के बाद 5 से 10 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए। लंबे समय तक इनकी स्क्रीन पर नजर दिखाई ना देखें बार-बार आसपास की चीजों को भी देखते रहे। 

लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर का उपयोग करने से आपके आंखों में जलन, सिर में दर्द, धुंधला दिखना जैसी परेशानी होने लगती है। अगर किसी व्यक्ति को मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग करने के दौरान आंखों में से पानी निकलने जैसी परेशानी आती है तो उसे डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बावजूद ही इन उपकरणों की स्क्रीन से बचने के लिए चश्मे का उपयोग करें। मोबाइल और लैपटॉप का लगातार उपयोग करने के दौरान 10 मिनट का ब्रेक लेकर चेहरे को अपने पानी से जरूर धोएं। अगर इन उपकरणों की वजह से आपके आंखों में परेशानी है तो डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी प्रकार की ड्रॉप्स या दवाई का उपयोग ना करें।

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