एक लड़की की आंसुओं से भरी प्रेम कहानी | True Sad Love Story In Hindi - इस कहानी की शुरुआत एक ऐसे गांव महानंदपुर (बदला हुआ नाम) से होती है, जहां लोगों में काफी अंधविश्वास था। गांव के लोग शिक्षा के मामले में बहुत पिछड़े हुए थे। अच्छा जीवन गुजारने के लिए उनके पास सिर्फ सपने ही थे उन्हें पूरा करने के लिए साधन नहीं थे। उस गांव के लोग आधुनिक तकनीकी चीजों से भी परिचित नहीं थे। 

एक लड़की की आंसुओं से भरी प्रेम कहानी | True Sad Love Story In Hindi -

उसी गांव में रुकमणी नाम की लड़की और शंकर नाम का लड़का भी रहता था। इन दोनों के बीच बचपन से ही बहुत गहरी दोस्ती थी। दोनों एक भी दिन एक-दूसरे से बिना मिले बिल्कुल भी नहीं रह पाते थे। समय गुजरने के साथ-साथ उनकी उम्र भी बढ़ती गई और दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। रुकमणी और शंकर गांव के लोगों से छुपकर मिलते थे। घरवालों की डर के कारण वे दोनों पास के फसल के खेतों में मिलने लगे। 

छुप-छुपकर मिलते हुए उन्हें लगभग दो माह गुजर गए थे। शाम के समय दोनों रोमांटिक बातें करने के लिए मंदिर के पीछे तालाब के पास मिलने लगे। उन्हें डर था कि गांव वालों को उनके प्यार के बारे में पता चल गया तो उन्हें एक दूसरे से दूर कर देंगे। एक दिन की बात है जब रुकमणी और शंकर तालाब के पास बैठकर एक दूसरे से प्यार भरी बातें कर रहे थे। उस दिन रुकमणी शंकर की गोद में अपना सर रख कर लेटे हुए थे। उस समय गांव के किसी लड़के ने उन्हें चुपके से देख लिया था और लड़की के घरवालों के अलावा पूरे गांव के लोगों को उन दोनों के प्यार के बारे में सब कुछ बता दिया था। True Sad Love Story In Hindi

जैसे ही इन दोनों के घर वालों को पता पता चला तो इनका प्यार बहुत मुसीबत में आ गया था। रुकमणी और शंकर के प्यार की वजह से अन्य लड़कियों को भी घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी जाती थी। इन दोनों के प्यार की वजह से गांव में कई बार लोग इकट्ठे हुए। उसके बाद रुकमणी को शंकर से बिल्कुल भी मिलने नहीं दिया जाता था। गांव में शिक्षित आदमी नहीं होने की वजह से इन दोनों प्रेमियों के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया जाने लगा।

उनके परिवार के साथ-साथ गांव के लोगों ने भी उनके साथ जानवरों के जैसा व्यवहार किया था। गुस्से में होने की वजह से गांव के लोगों ने शंकर के साथ मारपीट भी की थी। उसके बाद कई तरह के अंधविश्वास कारण बताकर उन दोनों प्रेमियों को एक दूसरे से अलग कर दिया था। उसके बाद रुकमणी को पढ़ाई करने के लिए शहर भेज दिया जबकि शंकर को गांव में ही खेती करने के लिए रोक लिया था। अब दोनों एक दूसरे से अलग हो गए थे। True Sad Love Story In Hindi

शहर आने के बाद कई दिनों तक रुकमणी ने पढ़ाई की ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया लेकिन समय गुजरने के साथ रुक्मणी ने शंकर को भुला दिया था। रुकमणी गांव की लड़की होने की वजह से वह बहुत भोली-भाली थी। वह देखने में बहुत खूबसूरत दिखती थी। कॉलेज के उन दिनों में उसकी मुलाकात उसी कॉलेज के एक लड़के मनदीप से होती है। वह लड़का देखने में बहुत हट्ठा-कट्ठा और सुंदर था। दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो जाती है। 

एक ही कॉलेज में पढ़ाई करने की वजह से रुकमणी और मनदीप एक-दूसरे से प्यार करने लग गए। मनदीप अमीर फैमिली से संबंध रखने की वजह से वह रुकमणी से सिर्फ इस्तेमाल के लिए प्यार करने लगा था। गांव की भोली भाली लड़की होने की वजह से रुकमणी इस बात को बिल्कुल भी समझ नहीं पाई थी। रुकमणी ने मनदीप पर पूरा विश्वास कर लिया था। समय गुजरने के साथ-साथ दोनों के बीच प्रेम संबंध बहुत गहरा होता चला गया। True Sad Love Story In Hindi

रुकमणी मनदीप के प्यार में पूरी तरह से पागल हो गई थी। कॉलेज की कई लड़कियों ने रुकमणी को बताया कि मनदीप बहुत बिगड़ा हुआ लड़का है और अपने इस्तेमाल के लिए ही लड़कियों से प्यार का नाटक करता है। परंतु इन सब बातों का रुकमणी के ऊपर कोई असर नहीं हो रहा था। वह मनदीप से बहुत प्यार करती थी इसलिए रात भर उसके साथ कमरे पर रुक जाती थी। कॉलेज के अंतिम दिनों में एक छोटी सी बात लेकर मनदीप ने रुकमणी से झगड़ा कर लिया।

कॉलेज के अंदर इन दोनों के बीच झगड़ा हो जाने के बाद मनदीप ने रुकमणी से बातचीत करना बिल्कुल बंद कर दिया था। रुकमणी ने कई तरीके से मनदीप से बात करने की कोशिश की लेकिन उसने कॉलेज की लड़कियों के सामने भला बुरा कह दिया। मनदीप ने पूरे कॉलेज में रुकमणी को एक बदचलन लड़की साबित कर दिया। इतना सब हो जाने के बाद रुकमणी जोर-जोर से रोने लग जाती है। उसने कभी भी नहीं सोचा था कि मनदीप एक दिन धोखा देगा। True Sad Love Story In Hindi

रुकमणी के साथ कॉलेज में हुई घटना का पता शंकर को चल जाता है। रुकमणी के बारे में गलत बातें सुनने के बाद उससे रहा नहीं गया और वह शहर पहुंच गया। किसी से पूछताछ करते हुए शंकर रुकमणी के कॉलेज पहुंच जाता है। कॉलेज पहुंचने के बाद जैसे ही रुकमणी ने शंकर को देखा तो दौड़कर उसके गले से लगकर रोने लग गई। जब रुकमणी ने अपने आप बीती शंकर को सुनाई तो उसे बहुत गुस्सा आया। 

शंकर उस लड़के के साथ कुछ अनहोनी करना चाहता था लेकिन रुकमणी के मना करने के बाद वह रुक जाता है। उसके बाद शंकर रुकमणी को वहां से लेकर दूसरे शहर चला जाता है। उस रात रुकमणी ने शंकर से बहुत सारी बातें की थी लेकिन आंखों से आंसुओं की धार एक पल के लिए भी नहीं रुकी। शंकर ने रुकमणी को हौसला बंधाया और कहा - तुम्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है। मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं। उसके बाद शंकर रुकमणी से शादी करने की बात कहता है। True Sad Love Story In Hindi

रुकमणी भी शंकर की बात से मना नहीं कर पाती है और शादी करने के लिए राजी हो जाती है। उसके बाद फिर दोनों एक-दूसरे से शादी कर लेते हैं और दूसरे शहर में रहने लगते हैं। शंकर मेहनत मजदूरी करके अपना घर चलाने लग गया। गांव छोड़कर आने के बाद शंकर ने कभी वापस मुड़कर नहीं देखा था। समय गुजरने के साथ-साथ रुकमणी भी पुरानी बातों को भूल चुकी थी। शादी को डेढ़ साल पूरे होने के बाद रुकमणी ने एक बच्चे को जन्म दिया। अब उनके परिवार में 3 सदस्य हो चुके थे। True Sad Love Story In Hindi

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